पीएम जनमन योजना: आदिवासियों के उत्थान का महाभियान

पीएम जनमन योजना, जिसे “प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान” के नाम से भी जाना जाता है, भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। यह योजना 2023-24 के बजट में शुरू की गई थी और 18 राज्यों के 75 से अधिक जनजातीय समुदायों को लाभान्वित करने के लिए लक्षित है।

योजना के प्रमुख लक्ष्य:

  • सुरक्षित आवास: पक्के मकानों के निर्माण का समर्थन करके PVTGs परिवारों को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराना।
  • स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता: ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं और स्वच्छता अभियानों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल और बेहतर स्वच्छता सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना।
  • शिक्षा: बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच प्रदान करना और स्कूल छोड़ने की दर को कम करना।
  • स्वास्थ्य एवं पोषण: बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं और आहार पोषण कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य के मानकों में सुधार लाना।
  • सड़क एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी: दूरदराज के क्षेत्रों में सड़कें और दूरसंचार बुनियादी ढांचे का विकास करना।
  • स्थायी आजीविका के अवसर: कौशल विकास, उद्यमिता प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच जैसी पहलों के माध्यम से आजीविका के स्रोतों को बढ़ाना।

योजना का क्रियान्वयन:

यह योजना भारत सरकार के नौ मंत्रालयों द्वारा मिलकर चलाया जाएगा। इन मंत्रालयों में जनजातीय कार्य मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, ग्रामीण इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड और दूरसंचार विभाग शामिल हैं। योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में 100 जिलों को कवर किया जाएगा।

योजना का लाभार्थी:

इस योजना का लाभ विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (PVTGs) को मिलेगा। हालांकि, अन्य जनजातीय समुदाय भी योजना के कुछ घटकों से लाभान्वित हो सकते हैं।

योजना का बजट:

इस योजना के लिए कुल 24,104 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसमें से केंद्र सरकार 15,336 करोड़ रुपये का योगदान देगी और शेष राशि राज्यों द्वारा वहन की जाएगी।

योजना का महत्व:

पीएम जनमन योजना भारत में आदिवासियों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच प्रदान करके उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने का प्रयास करती है। अगर इसे सही तरीके से लागू किया जाता है, तो यह योजना आदिवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है और उन्हें समाज के मुख्यधारा में लाने में मदद कर सकती है।


पीएम जनमन योजना के लिए आवेदन कैसे करें

पीएम जनमन योजना के लिए आवेदन करने के लिए, आपको निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:

  1. अपने जिले के जनजातीय विकास अधिकारी (JDO) से संपर्क करें। वे आपको योजना के बारे में अधिक जानकारी प्रदान कर सकते हैं और आपको आवेदन प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं।
  2. अपने आवेदन पत्र को भरें। आवेदन पत्र में आपके परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी शामिल होगी, जैसे नाम, आयु, लिंग, शिक्षा, और आजीविका का स्रोत।
  3. अपने आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करें। आवश्यक दस्तावेजों में शामिल हैं:
    • आधार कार्ड
    • जनजाति प्रमाण पत्र
    • आय प्रमाण पत्र
    • बैंक खाता विवरण
    • अन्य प्रासंगिक दस्तावेज
  4. अपने आवेदन पत्र को JDO को जमा करें। JDO आपके आवेदन की जांच करेगा और यदि आप पात्र हैं, तो आपको योजना का लाभ मिलेगा।

पीएम जनमन योजना के लिए पात्रता मानदंड

  • आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • आवेदक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs) से संबंधित होना चाहिए।
  • आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  • आवेदक के पास आधार कार्ड और जनजाति प्रमाण पत्र होना चाहिए।

आपको और जानकारी चाहिए?

यदि आप पीएम जनमन योजना के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं: